संदेश

फ़रवरी 11, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बोले गए शब्द वापस नहीं आते

चित्र
हमारी आज-कल की ज़िंदगी में कई बार ऐसा होता है कि हम या तो बहुत गुस्से में झुंझलाकर, या बस यूँ ही कुछ ऐसा कहते हैं जो हमें नहीं कहना चाहिए।  एक बार एक किसान ने अपने पड़ोसी को बुरा कहा, पर जब बाद में उससे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया। संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा। संत ने किसान से कहा, “तुम बहुत सारे पंख इठठा कर लो, और उन्हें शहर के बीचो-बीच जाकर रख दो।” किसान ने ऐसा ही किया और फिर संत के पास पहुंच गया। तब संत ने कहा, “अब जाओ और उन बातों को इत्ठठा कर के वापस ले चलो”  तब तक वापस चले गए सभी पंख हवा से दुर्घटना-उदर उड़ गए थे। और किसान हाथ खाली संत के पास संदेश. तब संत ने उससे कहा कि ठीक ऐसा ही तुम्हारे द्वारा कहे गए शब्दों के साथ होता है, तुम आसानी से इन्हें अपने मुख से निकाल सकते हो तो हो पर चाह कर भी वापस नहीं ले सकते। इस कहानी से हमे क्या सीख मिलती है: कुछ कड़वा बोलने से पहले ये याद रखें कि बुरा-बुरा बोलने के बाद कुछ भी कर के अपने शब्द वापस नहीं लिए जा सकते। हाँ, आप उस व्यक्ति से माफी  ज़रूर चाह रहे हैं, और माँगी भी चाहिए, प...

प्रेरणा का स्रोत

चित्र
प्रेरणा का स्रोत कहानी दोस्तों ,जिंदगी है तो संघर्ष हैं,तनाव है,काम का pressure है, ख़ुशी है,डर है !लेकिन अच्छी बात यह है कि ये सभी स्थायी नहीं हैं!समय रूपी नदी के प्रवाह में से सब प्रवाहमान हैं!कोई भी परिस्थिति चाहे ख़ुशी की हो या ग़म की, कभी स्थाई नहीं होती ,समय के अविरल प्रवाह में विलीन हो जाती है!  ऐसा अधिकतर होता है की जीवन की यात्रा के दौरान हम अपने आप को कई बार दुःख ,तनाव,चिंता,डर,हताशा,निराशा,भय,रोग इत्यादि के मकडजाल में फंसा हुआ पाते हैं हम तत्कालिक परिस्थितियों के इतने वशीभूत हो जाते हैं कि दूर-दूर तक देखने पर भी हमें कोई प्रकाश की किरण मात्र भी दिखाई नहीं देती , दूर से चींटी की तरह महसूस होने वाली परेशानी हमारे नजदीक आते-आते हाथी के जैसा रूप धारण कर लेती है और हम उसकी विशालता और भयावहता के आगे समर्पण कर परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी हो जाने देते हैं,वो परिस्थिति हमारे पूरे वजूद को हिला डालती है ,हमें हताशा,निराशा के भंवर में उलझा जाती है…एक-एक क्षण पहाड़ सा प्रतीत होता है और हममे से ज्यादातर लोग आशा की कोई किरण ना देख पाने के कारण हताश होकर परिस्थिति के ...