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जनवरी 22, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

श्री लालबहादुर शास्त्री जीवनी

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'जय जवान और जय किसान' का जयघोष  करने वाले लाल बहादुर शास्त्री वास्तव में भारत के युगपुरुष थे ।  सन1964 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के देहावसान के  उपरांत देश का दूसरा प्रधानमंत्री बनने का गौरव लाल बहादुर शास्त्री जी को प्राप्त हुआ था । उन्होंने 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक इस पद पर रहे और विदेश मंत्री, गृह मंत्रालय और रेलवे के रूप में भी कार्य किया था ।   लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1904 को वाराणसी के निकट मुगलसराय में हुआ था उनके पिता श्री शारदा प्रसाद श्रीवास्तव एक साधरण  अध्यापक थे ...अपने डेढ़ वर्ष में ही वे अपने पिता को खो चुके थे उनका ललन पालन उनकी माता श्रीमति रामदुलारी ने किया था ।  शास्त्री जी को 'नन्हे' कहर पुकार जाता था।  बड़ा होकर यह नन्ना बालक बहुत वीर निकला।  एक छोटे से गरीब घर में जन्म लेकर भी यह बालक अपनी सच्चाई  लगन और परिश्रम से देश के सर्वोच्च पद पर पहुचा था बचपन में इनकी माता श्रीमति रामदुलारी देवी इन्हें 'रामायण ' और 'महाभारत' की कथाएं  शास्त्री जी को सुनाया करती थी।...

हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा

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 प्रत्येक देश का राष्ट्रीय ध्वज उस देश की अपनी एक पहचान होता है। हमारे देश का राष्ट्रीय ध्वज तीन रंग वाला है हम इसे 'तिरंगा 'भी कहते हैं ।  यह तीन रंग समान आकार वाली पट्टियों से बनता है ।  ऊपर कि पट्टी केसरिया रंग की होती है बीच की पट्टी सफ़ेद  रंग  की तथा नीचे की पट्टी हरे रंग की होती है । हमारे झंडे की प्रत्येक रंग का अपना एक विशेष महत्त्व होता है...' केसरिया' रंग वीरता त्याग और बलिदान का सूचक है 'सफ़ेद' रंग  सुरक्षित  शांति प्रेम सत्य और अहिंसा और सदागी का परिचय है... 'हरा' रंग हमारी धरती की हरियाली समृद्धि  और खुशहाली का प्रतीक है । सफ़ेद  पट्टी के बीच में गहरे नीले रंग का एक चक्र बना होता है यह चक्र सम्राट अशोक के स्तंभ से लिया गया है या चक्र हमारी प्रगति का प्रतीक है जो सदा आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है इस चक्र में 24 तिलियां होती है ।  तिरंगा झंडा हमारे देश की गौरवमई संस्कृति एव परंपरा का सूचक है ।इसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है.... और हमें अपना तिरंगा बहुत प्यारा है...  और हर भारतीय अपने अपने हिंदुस्तान से बहुत प्रेम करता ...