संदेश

मार्च 24, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

स्टीफन हॉकिंग बायोग्राफी हिंदी में

चित्र
स्टीफन हॉकिंग जीवन परिचय और 6 महत्वपूर्ण खोजें 👇👇👇 नमस्कार दोस्तों जैसा कि आपने टाइटल में देखा होगा कि आज हम बताएंगे आपको महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के बारे में कि कैसे इन्होंने अपनी शारीरिक समस्याओं के बाबजूद अपनी एक पहचान को बनाया और बहुत से विश्लेषण किए जिससे उन्हें दुनिया को खुद पर गर्व महसूस  करवाया और एक संपूर्ण जीवन जिया और वो मिसाल हैं बहुत से ऐसे लोगो के लिए जो जरा सी प्रॉब्लम आते ही हिम्मत और हौसला दो हार देते हैं आईये जानते हैं उनके बारे में और उनसे कुछ सिखते हैं...🙂🙂 स्टीफन हॉकिंग  का जन्म इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड में हुआ था। उनके पिता का नाम फ्रैंक और माता का नाम इसोबेल था, उनकी माता स्कॉटिश थी। स्टीफन के पिता एक चिकित्सा संशोधक के रूप में काम करते थे, वही उनकी माता-पिता चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में एक सचिव के रूप में सुरक्षित थी। यही मुलाकात हुई और आगे वे शादी कर ली, जिनके कुल चार संतान हुई थी   जिनमें स्टीफन, फिलिपा, मैरी, एडवर्ड ऐसे चार भाई बहन शामिल थे, इसमे एडवर्ड को स्टीफन के माता पिता ने गोद लिया था। शुरू से ही स्टीफन एक मे...

किसान और परमात्मा

चित्र
भगवान् पर हिंदी कहानी 👇👇👇 एक बार एक किसान परमात्मा से बड़ा नाराज हो गया ! कभी बाढ़ आ जाये, कभी सूखा पड़ जाए, कभी धूप बहुत तेज हो जाए तो कभी ओले पड़ जाये! हर बार कुछ ना कुछ कारण से उसकी फसल थोड़ी ख़राब हो जाये  एक दिन बड़ा तंग आ कर उसने परमात्मा से कहा ,देखिये प्रभु, आप परमात्मा हैं , लेकिन लगता है आपको खेती-बाड़ी की ज्यादा जानकारी नहीं है ,एक प्रार्थना है कि एक साल मुझे मौका दीजिये , जैसा मै चाहू वैसा मौसम हो,फिर आप देखना मै कैसे अन्न के भण्डार भर दूंगा! परमात्मा मुस्कुराये और कहा ठीक है, जैसा तुम कहोगे वैसा ही मौसम दूंगा, मै दखल नहीं करूँगा! किसान ने गेहूं की फ़सल बोई ,जब धूप चाही ,तब धूप मिली, जब पानी तब पानी ! तेज धूप, ओले,बाढ़ ,आंधी तो उसने आने ही नहीं दी, समय के साथ फसल बढ़ी और किसान की ख़ुशी भी,क्योंकि ऐसी फसल तो आज तक नहीं हुई थी ! किसान ने मन ही मन सोचा अब पता चलेगा परमात्मा को, की फ़सल कैसे करते हैं ,बेकार ही इतने बरस हम किसानो को परेशान करते रहे. फ़सल काटने का समय भी आया ,किसान बड़े गर्व से फ़सल काटने गया, लेकिन जैसे ही फसल काटने लगा ,एकद...

राम भक्त | तीन भक्तिपूर्ण प्रेरक प्रसंग

चित्र
हनुमान जी की कहानियां  1.)पहला प्रसंग 👇 एक बार माता सीता ने हनुमान जी से प्रसन्न होकर उन्हें हीरों का एक हार दिया, और बाकी सेवकों को भी उन्होंने भेंटस्वरुप मोतियों से जड़े रत्न दिए.. जब हनुमान जी ने हार को अपने हाथ में लिया तब उन्होंने प्रत्येक हीरे को माला से अलग कर दिया और उन्हें चबा-चबाकर जमीन पर फेंकने लगे.. यह देख माता सीता को क्रोध आ गया और वे बोलीं-“ अरे हनुमान! ये आप क्या कर रहे हैं , आपने इतना मूलयवान हार नोंच-खसोटकर नष्ट कर दिया.” यह सुनकर अश्रुपूरित नेत्रों से हनुमान जी बोले- “माते! मैं तो केवल इन रत्नों को खोलकर यह देखना चाहता था कि इनमे मेरे आराध्य प्रभु श्रीराम और माँ सीता बसते हैं अथवा नहीं! आप दोनों के बिना इन पत्थरों का मेरे लिए क्या मोल ? बाकी सेवक यह सारी घटना देख रहे थे, वे तुरंत ही हनुमान जी के पास आकर बोले- कि हनुमान यदि इन निर्जीव वस्तु में श्रीराम नहीं हैं तो श्रीराम कहाँ है? प्रभु श्रीराम तो मेरे ह्रदय में बसते हैं, इतना कहकर उन्होंने अपनी छाती चीर डाली और माता सीता सहित सभी सेवकों को हनुमान जी के ह्रदय में श्रीराम जी के दर्शन हुए......