स्टीफन हॉकिंग बायोग्राफी हिंदी में

स्टीफन हॉकिंग जीवन परिचय और 6 महत्वपूर्ण खोजें
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नमस्कार दोस्तों जैसा कि आपने टाइटल में देखा होगा कि आज हम बताएंगे आपको महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के बारे में कि कैसे इन्होंने अपनी शारीरिक समस्याओं के बाबजूद
अपनी एक पहचान को बनाया और बहुत से विश्लेषण किए जिससे उन्हें दुनिया को खुद पर गर्व महसूस  करवाया और एक संपूर्ण जीवन जिया और वो मिसाल हैं बहुत से ऐसे लोगो के लिए जो जरा सी प्रॉब्लम आते ही हिम्मत और हौसला दो हार देते हैं आईये जानते हैं उनके बारे में और उनसे कुछ सिखते हैं...🙂🙂

स्टीफन हॉकिंग  का जन्म इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड में हुआ था। उनके पिता का नाम फ्रैंक और माता का नाम इसोबेल था, उनकी माता स्कॉटिश थी। स्टीफन के पिता एक चिकित्सा संशोधक के रूप में काम करते थे, वही उनकी माता-पिता चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में एक सचिव के रूप में सुरक्षित थी। यही मुलाकात हुई और आगे वे शादी कर ली, जिनके कुल चार संतान हुई थी
 
जिनमें स्टीफन, फिलिपा, मैरी, एडवर्ड ऐसे चार भाई बहन शामिल थे, इसमे एडवर्ड को स्टीफन के माता पिता ने गोद लिया था। शुरू से ही स्टीफन एक मेधावी छात्रों के रूप में उभरते हुए सामने आए थे, उनकी शिक्षा की प्रती रुची देख उनके अच्छे विद्यालय मे गए।

स्टीफन हॉकिंग की शिक्षा – स्टीफन हॉकिंग की शिक्षा
उम्र के आठवें वर्ष में सेंट अल्बान के एक पाठशाला मे स्टीफन का व्याख्यान किया गया था, जहा उनकी प्राथमिक शिक्षा पुरी की। आगे की पढ़नेई पुरी करने के लिए 17 साल की उम्र में स्टीफन ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी को लिया, जहाँ वे भौतिक विज्ञान में पुरी की वैसे तो स्टीफन का आत्याधिक भौतिकी और रसायन शास्त्र विषय की पढ़ाई में था, उस समय ऑक्सफ़ोर्ड मे मीटर विषय नहीं हुआ था। इसलिए भौतिक विज्ञान में प्रथम श्रेणी में स्नातक की पढ़ाई पूरी कर, आगे स्टीफन ने केम्ब्रीज विश्वविद्यालय में addmission लिया। 
इससे वे अप्लाइड मैथेमेटिक्स और थ्योरेटिकल फिजिकल मे ब्रम्हंड संशोधन पर कार्य करते हैं। 


स्टीफन विलियम हॉकिंग एक विश्व प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक, ब्रह्माण्ड वैज्ञानिक, लेखक और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सैद्धान्तिक ब्रह्माण्ड विज्ञान केंद्र (सेंटर फॉर थ्योरेटिकल कॉस्मोलॉजी) के शोध के निर्देशक हैं। स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग थ्योरी की व्याख्या में अहम योगदान दिया है। उनके रेडिएशन (विकिरण) को हम हॉकिंग रेडिएशन भी कहते हैं।


स्टीफन हॉकिंग के बारे में – 
पूरा नाम (नाम) स्टीफन विलियम हॉकिंग ( स्टीफन हॉकिंग )
जन्म (जन्मदिन) 8 जनवरी 1942
जन्मस्थान (जन्मस्थान) ऑक्सफोर्ड, इंग्लैंड
माता (माता का नाम) इसोबेल
पिता (पिता का नाम) फ्रैंक
मृत्यु (मृत्यु) 14 मार्च 2018

स्टीफन हॉकिंग की शिक्षा – स्टीफन हॉकिंग की शिक्षा
उम्र के आठवें वर्ष में सेंट अल्बान के एक पाठशाला मे स्टीफन का व्याख्यान किया गया था, जहा उनकी प्राथमिक शिक्षा पुरी की। आगे की पढ़नेई पुरी करने के लिए 17 साल की उम्र में स्टीफन ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी को लिया, जहाँ वे भौतिक विज्ञान में पुरी की पढ़े ।

पुरस्कार और सम्मान
स्टीफन हॉकिंग के पास 13 डिग्रियां थीं. Stephen Hawking Biography in Hindi में जानते हैं उन्हें प्राप्त पुरस्कार और सम्मान।

1966 में स्टीफन हॉकिंग को एडम्स पुरस्कार दिया गया था। इसके बाद इन्होंने 1975 में एडिंगटन पदक और 1976 में मैक्सवेल मेडल एंड प्राइज मिला था।

हेइनीमान पुरस्कार (Heineman Prize) हॉकिंग को 1976 में मिला था। इस पुरस्कार को पाने के बाद इन्हें 1978 में अल्बर्ट आइंस्टीन मेडल भी मिला था।

1985 में हॉकिंग को आरएएस गोल्ड मेडल और 1987 डिराक मेडल ऑफ द इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल भी दिया गया था। इसके बाद 1988 में इस महान वैज्ञानिक को वुल्फ पुरस्कार भी दिया गया था।

1989 में प्रिंस ऑफ अस्टुरियस अवार्ड भी हॉकिंग ने अपने नाम किया था। इस अवार्ड को मिलने के कुछ समय बाद इन्होंने एंड्रयू जेमेंट अवार्ड (1998), नायलोर पुरस्कार और लेक्चरशिप (1999) भी दिया गया था।

1999 में जो अगला पुरस्कार इन्हें मिला था उसका नाम लिलाइनफेल्ड पुरस्कार (Lilienfeld Prize) था और रॉयल सोसाइटी ऑफ आर्ट की तरफ से इसी साल इन्हें अल्बर्ट मेडल भी दिया गया था।

ऊपर बताए गए अवार्ड के अलावा इन्होंने कोप्ले मेडल (2006), प्रेसिडेंटियल मेडल ऑफ फ्रीडम (2009), फंडामेंटल फिजिक्स प्राइज (2012) और बीबीवीए फाउंडेशन फ्रंटियर्स ऑफ नॉलेज अवार्ड (2015) भी दिया गया हैं।

निजी जीवन👇👇

स्टीफन हॉकिंग की असाध्य बीमारी के बारे में जानकारी – स्टीफन हॉकिंग रोग...
स्टीफन हॉकिंग की आंखों में कई सपने थे और वो विज्ञान में आगे तक संशोधन पर कार्य करना चाहते थे। सुलवात मे जहा वो आम लोगो की तरह जीवन जिते थे, उसी दिन कुछ दिन बाद दबंग परेशानी मेहसूस होने लगी और उनकी तबीयत खराब रहने लगी।

जब वे 21 साल के थे तो अचानक सीढियो से गिर पड़े थे, और बेसुध हो गए। उनके पिता इलाज के लिए अस्पताल ले गए तो डॉक्टर द्वारा बताया गया कि स्टीफन को एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस - एएलएस) नाम की बीमारी है।

इस बीमारी का कोई भी इलाज मौजूद नहीं था, और इस तरह की बीमारी धीरे-धीरे धीरे-धीरे शरीर के सभी अंग लकवाग्रस्त हो गई पूरी तरह काम करना बंद कर देती है। कई साल से उन्हें ये बीमारी हो गई थी, इस बीमारी की वजह से उन्हें बोलने में भी काफी परेशानी हो रही थी। इसी कारण से वे स्पीच जनरेटिंग डिवाइस का उपयोग करते थे।
स्टीफन हॉकिंग एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक और खगोल भौतिकविद थे. उनकी प्रमुख खोज ब्लैक होल और महाविस्फोट का सिद्धांत (Big Bang Theory) था. आइये इस लेख के माध्यम से स्टीफन हॉकिंग की 6 महत्वपूर्ण खोजों के बारे में अध्ययन करते हैं

 स्टीफन हॉकिंग विज्ञान और गणित में अत्यधिक रूचि रखने वाले एक मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे के लिए वैज्ञानिक बनने का सपना देखना बहुत ही मुश्किल होता है।

शारीरिक परेशानी से लड़ते हुए इन्होंने कई ऐसे खोजे की जिसकी आम लोग बस कल्पना ही कर सकते है और कई ऐसे-ऐसे खोजे की जो नामुमकिन सी लगती है। स्टीफन हॉकिंग बायोग्राफी में आप हमारे महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग की जीवनी के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारी ले सकते है जो इस प्रकार है –

स्टीफन हॉकिंग की 6 महत्वपूर्ण खोजें


स्टीफन हॉकिंग एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक और खगोल भौतिकविद थे. उनकी प्रमुख खोज ब्लैक होल और महाविस्फोट का सिद्धांत (Big Bang Theory) था. आइये इस लेख के माध्यम से स्टीफन हॉकिंग की 6 महत्वपूर्ण खोजों के बारे में अध्ययन करते हैं...
  1.)सिंगुलैरिटी का सिद्धांत (Theory of Singularity) – 1970
आइंस्टीन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत भी सिंगुलैरिटी के बारे में बताते हैं. उनका सिद्धांत यह है कि काल और अंतरिक्ष यानी टाइम एंड स्पेस में किसी भी भारी पिंड की वजह से जो झोल पड़ जाता है, वही गुरुत्वाकर्षण है. आइंस्टीन के अनुसार सिंगुलैरिटी वह बिंदु है जहां से टस्पेस-टाइम एक असीम रूप से वक्रित हुआ. लेकिन उस समय यह स्पष्ट नहीं था कि क्या सिंगुलैरिटी वास्तविक भी है या नहीं. फिर हॉकिंग को शोध के दौरान पता चला कि बिग-बैंग दरअसल ब्लैक होल का उलटा पतन ही है. उन्होंने पेनरोज़ के साथ मिलकर 1970 में एक शोधपत्र प्रकाशित किया और दर्शाया कि सामान्य सापेक्षता का अर्थ ये है कि ब्रह्मांड ब्लैक होल के केंद्र (सिंगुलैरिटी) से ही शुरु हुआ होगा. इस सिद्धांत को पुरे ब्रह्मांड के लिए इस्तेमाल किया गया और बताया की गुरुत्वाकर्षण सिंगुलैरिटी पैदा करता है. उन्होंने यह भी बताया कि आइंस्टीन के सिद्धांत ने सिंगुलैरिटी की जो भविष्यवाणी की थी वह महाविस्फोट का सिद्धांत (Big Bang Theory) ही था.

2.) ब्लैक होल का सिद्धांत (Laws of Black hole mechanics ) - 1971-74
स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल के सिधान्तों को दिया.
- उनका पहला सिद्धांत के अनुसार, ब्लैक होल का कुल सतह क्षेत्र कभी भी छोटा नहीं होगा. इसे Hawking area theorem के रूप में भी जाना जाता है.
- एक अन्य सिद्धांत के अनुसार ब्लैक होल गर्म होता है. लेकिन यह शास्त्रीय भौतिकी का एक विरोधाभास है जिसमें कहा गया है कि ब्लैक होल से गर्मी का विकीर्ण नहीं होता हैं.
- एक और ब्लैक होल का सिद्धांत है "no hair" theorem. जिसमें कहा गया है कि ब्लैक होल में विशेषताएं हो सकती है; उनका द्रव्यमान (mass), कोणीय गति (angular momentum) और चार्ज (charge).
- ब्लैक होल विकिरण का उत्सर्जन करता है, जो तब तक जारी रख सकते हैं जब तक कि वे अपनी ऊर्जा को समाप्त नहीं करते और वाष्पन करते हैं. इसे हॉकिंग विकिरण भी कहा जाता है.
- जनवरी 1971 में, उन्होंने "ब्लैक होल्स" नामक अपने निबंध के लिए प्रतिष्ठित ग्रेविटी रिसर्च फाउंडेशन पुरस्कार जीता था.
3. )कॉस्मिक इन्फ्लेशन थ्योरी (Cosmic Inflation Theory) - 1982
यह सिद्धांत साल 1980 में एलन गुथ (Alan Guth) द्वारा दिया गया था और वह था कि भौतिक कोस्मोलोजी में, कॉस्मिक इन्फ्लेशन वह सिद्धांत है जिसमें ब्रह्मांड महाविस्फोट के बाद शीघ्र ही फैल जाता है. इसके अलावा, हॉकिंग पहले वैज्ञानिक है जिन्होंने क्वांटम में उतार-चढ़ाव (quantum fluctuations) की गणना की है और बताया कि पदार्थ के वितरण में कम बदलाव होता है अर्थात इन्फ्लेशन के दौरान यह ब्रह्मांड में आकाशगंगाओं के प्रसार को जन्म दे सकता है.

4. )यूनिवर्स का वेव फ़ंक्शन पर मॉडल (Model on the wave function of the Universe) - 1983स्टीफन हॉकिंग गुरुत्वाकर्षण के एक क्वांटम थ्योरी की स्थापना में रुचि रखते थे लेकिन जेम्स हार्टले (James Hartle) के साथ उन्होंने 1983 में हार्टले-हॉकिंग स्टेट (Hartle-Hawking state) मॉडल प्रकाशित किया था. यह सिद्धांत कहता है कि समय महाविस्फोट (Big Bang) से पहले मौजूद नहीं था और इसलिए ब्रह्मांड की शुरुआत की अवधारणा अर्थहीन है. ब्रह्मांड में समय या स्थान मंं कोई प्रारंभिक सीमा नहीं होती है.
5.)ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ ‘A Brief History of Time’ उनकी प्रसिद्ध किताब 1988 में प्रकाशित हुई 
इस किताब में उन्होंने ब्रह्माण्ड कोस्मोलोजी जैसे कि महाविस्फोट का सिद्धांत (Big Bang Theory) और ब्लैक होल के बारे में लिखा है. पुस्तक का पहला संस्करण 1988 में प्रकाशित हुआ और लगातार 237 सप्ताह तक संडे टाइम्स का बेस्ट सेलर रहने के कारण इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में शामिल किया गया. इस पुस्तक की एक करोड़ प्रति बिकी और 40 अलग-अलग भाषाओं में इसका अनुवाद हुआ.
6.) स्टीफन हॉकिंग की ब्रह्मांड विज्ञान पर आधारित टॉप-डाउन थ्योरी (Top-Down Theory on Cosmology ) 
थॉमस हर्टोग (Thomas Hertog) के साथ उन्होंने 2006 में एक सिद्धांत "top-down cosmology" को प्रस्तावित किया जिसमें कहा गया है कि ब्रह्मांड में एक अनूठी प्रारंभिक अवस्था नहीं थी, लेकिन कई संभावित प्रारंभिक स्थितियों की अतिपवित्रता शामिल थी. हॉकिंग का कहना है कि ब्रह्मांड में गुरुत्वाकर्षण जैसी शक्ति है इसलिए वह नई रचनाएँ कर सकता है उसके लिए उसे ईश्वर जैसी किसी शक्ति की सहायता की आवश्यकता नहीं है. उनकी अन्य किताबें थी  The Universe in a Nutshell (2001), God Created the Integers: The Mathematical Breakthroughs That Changed History (2005) आदि.
अब हमें स्टीफन हॉकिंग की प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण खोजों के बारे में पता चल गया है जिसमें ब्लैक होल और महाविस्फोट का सिद्धांत (Big Bang Theory) उनके द्वारा दिया गया सबसे बड़ा सिद्धांत है.
Aapko ye biography kesi lagi pls comment karke bataye 🙏🙏

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