बुरे काम का बुरा नतीजा हिन्दी कहानी
कहानी कहने और सुनने का काम बहुत पूराने समय से चल रहा है हमारी दादी और नानी हमें बचपन से ही कहानियां सुनाती एक रही हैं। कभी-कभी तो वह अपने आप ही नई कहानियां जोड़ती जाती हैं और हम सुनते जाते हैं ,आगे क्या होगा ये सोचते जाते हैं उनके पास कहानियों का भंडार होता है। हम कहानियों को बड़े चाव से सुनते हैं इन कहानियों से हम कई सारी नई चीजें सीखते हैं। वास्तव में कहानी के द्वारा हम बोलना, समझना, अपनी बात कहना, अनुमान लगाना ,जैसी बहुत सी नई बातें सीखते हैं।
आईये अब एक कहानी 'बुरे काम का बुरा नतीजा 'हम भी पढ़े और जाने ...
एक जंगल में बहुत सारे जानवरों आपस में मिलजुल कर रहते हैं उन लोगों आपस में बड़ा प्रेम था एक रामू नाम का हाथी बहुत शैतान था। वह मजाक मजाक में अपनी शैतानियों से सभी लोगों को बहुत परेशान करता था कभी किसी को गिरा देता था तो कभी किसी को सूंड में उठाकर फेंक देता था। सभी जानवर से उससे परेशान रहते थे ने एक दिन हाथी ने गोलू भालू के गन्ने का ठेला उलट दिया ,
गन्नो को तोड़ दिया अपने गन्नो को खराब होते देख कर गोलू भालू रोने लगा, जंगल के सारे जानवर गोलू भालू के चारो ओर इकट्ठा हो गए। गोलू के ठेले को सीधा किया ....और गन्नो को रखा रामू हाथी की शैतानियों से परेशान जानवरों ने मिलकर हाथी को सबक सिखाने की योजना बनाई । सारे जानवरों ने एक बड़ा सा गड्ढा खोदकर उसमें पानी भरा और मिट्टी डालकर दलदल बना दी, रामू हाथी खेलता, शैतानी करता, जानवरों को परेशान करता वहां आ पहुंचा। उसने जंगल के सभी जानवरों को वहां देखा तो वह जोश में भरकर दलदल में उतर गया रामू हाथी मस्ती के मारे दलदल में उतरता चला गया ।
सभी जानवर जोर-जोर से हंसने लगे हाथी को परेशान देखकर मीनू लोमडी बोली क्या अब भी जानवरों को परेशान करेगा ? रामू ने हाथ जोड़कर माफी मांगी और बाहर निकालने की "प्रार्थना" की सभी जानवरों ने मिलकर रामू हाथी को बाहर निकाला और सभी जानवर खुशी खुशी अपने घर चले गए ... ।
देखा दोस्तो इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि बिना कारण किसी को परेशान नहीं करना चाहिए।
आपको ये कहानी केसी लगी प्लीज कमेंट करके जरूर बताएं 🙏🙏
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Pls do not enter any spam link in the comment box